भारतीय समाज में सामाजिक परिवर्तन एवं आधुनिकीकरण का अध्ययन

Authors

  • डॉ. सीमा रानी एसोसिएट प्रोफेसर समाजशास्त्र विभाग, राजकीय डिग्री कॉलेज जहाँगीराबाद, बुलंदशहर उत्तर प्रदेश, भारत Author

DOI:

https://doi.org/10.63345/ujhmds.v2.i3.201

Keywords:

सामाजिक परिवर्तन, आधुनिकीकरण, भारतीय समाज, नगरीकरण, औद्योगीकरण, वैश्वीकरण, सामाजिक संरचना

Abstract

भारतीय समाज विश्व के प्राचीनतम एवं सर्वाधिक विविधतापूर्ण समाजों में से एक है, जिसकी सामाजिक संरचना समय के साथ निरंतर परिवर्तनशील रही है। सामाजिक परिवर्तन और आधुनिकीकरण ऐसी दो परस्पर संबद्ध प्रक्रियाएँ हैं जिन्होंने भारतीय समाज की संरचना, संस्थाओं, मूल्यों, व्यवहारों तथा जीवन-शैली को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। स्वतंत्रता के पश्चात लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था, औद्योगीकरण, नगरीकरण, वैज्ञानिक एवं तकनीकी विकास, शिक्षा के प्रसार, वैश्वीकरण तथा सूचना प्रौद्योगिकी ने सामाजिक परिवर्तन की गति को तीव्र किया है। इसके परिणामस्वरूप परिवार, जाति व्यवस्था, विवाह, शिक्षा, आर्थिक गतिविधियों, राजनीतिक सहभागिता तथा लैंगिक संबंधों में उल्लेखनीय परिवर्तन दृष्टिगोचर होते हैं। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य भारतीय समाज में सामाजिक परिवर्तन एवं आधुनिकीकरण की अवधारणा, उसके प्रमुख कारकों, स्वरूप तथा प्रभावों का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से विश्लेषण करना है। अध्ययन पूर्णतः द्वितीयक स्रोतों पर आधारित है तथा वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक शोध पद्धति का उपयोग किया गया है। साहित्य समीक्षा में केवल वास्तविक एवं सत्यापित समाजशास्त्रीय ग्रंथों तथा प्रकाशित शोधों का उपयोग किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि भारतीय समाज में आधुनिकीकरण ने परम्परागत संरचनाओं को समाप्त नहीं किया है, बल्कि अनेक क्षेत्रों में परम्परा एवं आधुनिकता का सह-अस्तित्व विकसित हुआ है। अतः भारतीय समाज का आधुनिकीकरण एक विशिष्ट भारतीय स्वरूप प्रस्तुत करता है जिसमें सांस्कृतिक निरन्तरता एवं परिवर्तन दोनों समानांतर रूप से विद्यमान हैं।

Published

2026-08-09

How to Cite

भारतीय समाज में सामाजिक परिवर्तन एवं आधुनिकीकरण का अध्ययन. (2026). Universal Journal of Humanities and Multi-Disciplinary Studies , 2(3), Aug (36-41). https://doi.org/10.63345/ujhmds.v2.i3.201