गृह विज्ञान एवं पोषण शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य और जीवनशैली में सुधार का अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.63345/Keywords:
गृह विज्ञान, पोषण शिक्षा, ग्रामीण महिलाएँ, स्वास्थ्य व्यवहार, आहार विविधता, जीवनशैली, पोषण ज्ञानAbstract
ग्रामीण भारत की महिलाएँ पोषण, स्वास्थ्य और जीवनशैली की दृष्टि से अनेक वंचनाओं का सामना करती हैं। प्रस्तुत शोधपत्र गृह विज्ञान एवं पोषण शिक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य ज्ञान, आहार व्यवहार और समग्र जीवनशैली में सुधार की संभावनाओं का अध्ययन करता है। इस अध्ययन में मध्य प्रदेश के तीन जनपदों के 24 गाँवों से 18-45 आयु वर्ग की 300 विवाहित ग्रामीण महिलाओं का प्रतिदर्श बहुस्तरीय यादृच्छिक प्रतिदर्शन द्वारा चयनित किया गया। अर्ध-प्रायोगिक अभिकल्प के अंतर्गत 150 महिलाओं को प्रायोगिक समूह में (जिन्हें 12 सप्ताह का संरचित पोषण एवं गृह विज्ञान शिक्षा कार्यक्रम दिया गया) तथा 150 को नियंत्रित समूह में रखा गया। परिणामों से ज्ञात हुआ कि प्रायोगिक समूह की महिलाओं के पोषण ज्ञान प्राप्तांकों में पूर्व-परीक्षण (M=12.38) से उत्तर-परीक्षण (M=24.71) तक सार्थक वृद्धि हुई (t=18.46, p<0.01), जबकि नियंत्रित समूह में कोई सार्थक परिवर्तन नहीं पाया गया। आहार विविधता प्राप्तांक और स्वास्थ्य व्यवहार प्राप्तांकों में भी प्रायोगिक समूह में सार्थक सुधार दर्ज किया गया। अध्ययन यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि संरचित एवं स्थानीय संदर्भ से जुड़ी पोषण शिक्षा ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य व्यवहार में सार्थक परिवर्तन ला सकती है।
References
1. IIPS (2021). राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5), 2019-21: भारत. अंतर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान, मुंबई.
2. कुमारी, ए. एवं शर्मा, पी. (2018). गृह विज्ञान शिक्षा और ग्रामीण महिला सशक्तिकरण: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन. भारतीय गृह विज्ञान पत्रिका, 27(1), 56–70.
3. चौधरी, एन. (2023). पोषण अभियान (POSHAN Abhiyaan) का क्रियान्वयन: उपलब्धियाँ एवं चुनौतियाँ. सामुदायिक स्वास्थ्य पत्रिका, 15(2), 34–49.
4. जायसवाल, पी. एवं वर्मा, के. (2022). ग्रामीण महिलाओं में स्वच्छता प्रथाएँ और पोषण ज्ञान का अंतर्संबंध. भारतीय जन स्वास्थ्य पत्रिका, 66(3), 201–215.
5. त्रिपाठी, एस. एवं पांडेय, आर. (2021). कोविड-19 और ग्रामीण महिलाओं का आहार व्यवहार: एक अध्ययन. खाद्य एवं पोषण बुलेटिन, 42(1), 88–102.
6. दुबे, एम. एवं शुक्ला, ए. (2023). पोषण वाटिका और ग्रामीण पोषण सुरक्षा: एक प्रायोगिक अध्ययन. कृषि विस्तार समीक्षा, 35(2), 112–126.
7. पाठक, एस. एवं श्रीवास्तव, वी. (2015). गृह विज्ञान विस्तार शिक्षा कार्यक्रमों की प्रभावशीलता: ग्रामीण महिलाओं का अध्ययन. विस्तार शिक्षा पत्रिका, 21(1), 45–60.
8. मिश्रा, डी. (2019). ग्रामीण महिलाओं में पोषण शिक्षा की विभिन्न विधियों की तुलनात्मक प्रभावशीलता. शिक्षा एवं विकास पत्रिका, 9(2), 78–93.
9. राव, टी. एवं देशपांडे, एस. (2016). ग्रामीण महिलाओं में सूक्ष्म पोषक तत्वों की जागरूकता: महाराष्ट्र का अध्ययन. इंडियन जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन एंड डायटेटिक्स, 53(2), 145–158.
10. श्रीवास्तव, आर. एवं गुप्ता, एस. (2014). ग्रामीण महिलाओं में पोषण ज्ञान और आहार व्यवहार: उत्तर प्रदेश का अध्ययन. भारतीय सामुदायिक चिकित्सा पत्रिका, 39(4), 234–241.
11. सिंह, पी. (2017). ग्रामीण भारत में पोषण संक्रमण और जीवनशैली जनित रोग. जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ, 25(3), 301–315.
12. स्वामीनाथन, एम.एस. (2009). Undernutrition, Agriculture and Public Provisioning: The Role of the State in Bridging the Nutritional Divide in India. इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च, 130(5), 550–556.
13. FAO (2021). Minimum Dietary Diversity for Women: A Guide to Measurement. Food and Agriculture Organization, Rome.




