मध्यकालीन भारत: सल्तनत एवं मुगल प्रशासन की तुलनात्मक समीक्षा

Authors

  • डॉ. ब्रजेश कुमार एसोसिएट प्रोफेसर डी.ए.वी. कॉलेज, बुलंदशहर उत्तर प्रदेश, भारत Author

DOI:

https://doi.org/10.63345/ujhmds.v1.i3.201

Keywords:

न्याय व्यवस्था, मध्यकालीन भारत, दिल्ली सल्तनत, मुगल प्रशासन, राजस्व व्यवस्था, मनसबदारी, इक्तादारी, प्रांतीय प्रशासन

Abstract

मध्यकालीन भारत का इतिहास भारतीय प्रशासनिक, राजनीतिक तथा सामाजिक संरचना के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। दिल्ली सल्तनत तथा मुगल साम्राज्य भारतीय उपमहाद्वीप के दो ऐसे प्रमुख शासन तंत्र रहे जिन्होंने प्रशासनिक संस्थाओं, राजस्व व्यवस्था, सैन्य संगठन, न्याय प्रणाली तथा प्रांतीय शासन की संरचना को गहराई से प्रभावित किया। यद्यपि दोनों शासन व्यवस्थाएँ इस्लामी राजनीतिक परंपराओं से प्रभावित थीं, तथापि भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप उनमें अनेक परिवर्तन एवं नवाचार भी दिखाई देते हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य सल्तनत एवं मुगल प्रशासन की तुलनात्मक समीक्षा करना है, जिससे दोनों व्यवस्थाओं की समानताओं, भिन्नताओं तथा प्रशासनिक प्रभावशीलता का सम्यक् मूल्यांकन किया जा सके। यह अध्ययन ऐतिहासिक-विश्लेषणात्मक पद्धति पर आधारित है तथा द्वितीयक स्रोतों के माध्यम से तैयार किया गया है। अध्ययन में केन्द्रीय शासन, प्रांतीय प्रशासन, राजस्व व्यवस्था, सैन्य संगठन, न्यायिक प्रणाली तथा स्थानीय प्रशासन जैसे प्रमुख आयामों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है। निष्कर्षतः यह स्पष्ट होता है कि सल्तनत प्रशासन ने भारतीय प्रशासनिक परंपरा की आधारशिला तैयार की, जबकि मुगल प्रशासन ने उसे अधिक संगठित, संस्थागत एवं व्यावहारिक स्वरूप प्रदान किया। विशेषतः अकबर के शासनकाल में प्रशासनिक व्यवस्था अधिक स्थायी, समन्वित तथा लोकहितकारी रूप में विकसित हुई। इस प्रकार मध्यकालीन भारत की प्रशासनिक विरासत आधुनिक भारतीय प्रशासन के विकास में भी महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है।

Published

2025-08-02

How to Cite

मध्यकालीन भारत: सल्तनत एवं मुगल प्रशासन की तुलनात्मक समीक्षा. (2025). Universal Journal of Humanities and Multi-Disciplinary Studies , 1(3), Aug (1-9). https://doi.org/10.63345/ujhmds.v1.i3.201