शिक्षा में सामाजिक भावनात्मक अधिगम और विद्यार्थी कल्याण के मध्य संबंध का अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.63345/Keywords:
सामाजिक भावनात्मक अधिगम, विद्यार्थी कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य, आत्म-जागरूकता, संबंध कौशल, माध्यमिक शिक्षाAbstract
समकालीन शिक्षा विमर्श में विद्यार्थी कल्याण को शैक्षिक सफलता का एक अनिवार्य आधार माना जा रहा है और सामाजिक भावनात्मक अधिगम को इस कल्याण के संवर्धन की सबसे प्रभावी रणनीति के रूप में स्वीकृति मिल रही है। प्रस्तुत शोधपत्र सामाजिक भावनात्मक अधिगम दक्षताओं और विद्यार्थी कल्याण के विभिन्न आयामों के अंतर्संबंध का अध्ययन करता है। इस शोध में दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश के आठ माध्यमिक विद्यालयों से कक्षा 9 से 12 के 400 विद्यार्थियों (206 बालक, 194 बालिकाएँ) का प्रतिदर्श स्तरीकृत यादृच्छिक प्रतिदर्शन द्वारा चयनित किया गया। आँकड़ा संग्रहण हेतु सामाजिक भावनात्मक दक्षता प्रश्नावली (CASEL ढाँचे पर आधारित) तथा विद्यार्थी कल्याण मापनी का प्रयोग किया गया। पियर्सन सहसंबंध विश्लेषण में SEL दक्षताओं और विद्यार्थी कल्याण के मध्य सार्थक धनात्मक सहसंबंध (r = 0.57, p < 0.01) पाया गया। बहु प्रतिगमन विश्लेषण से ज्ञात हुआ कि SEL की पाँच दक्षताएँ संयुक्त रूप से विद्यार्थी कल्याण के 37% प्रसरण की व्याख्या करती हैं, जिसमें आत्म-जागरूकता और संबंध कौशल सबसे प्रबल पूर्वकथक रहे। अध्ययन अनुशंसा करता है कि भारतीय विद्यालयी पाठ्यक्रम में SEL को एक स्वतंत्र एवं व्यवस्थित घटक के रूप में सम्मिलित किया जाना चाहिए।
References
1. CASEL (2020). CASEL's SEL Framework: What Are the Core Competence Areas and Where Are They Promoted? Collaborative for Academic, Social, and Emotional Learning, शिकागो.
2. NIMHANS (2016). National Mental Health Survey of India, 2015-16. राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु.
3. कुमार, ए. (2018). माध्यमिक विद्यार्थियों में भावनात्मक बुद्धिमत्ता और शैक्षिक तनाव: एक अध्ययन. भारतीय मनोविज्ञान पत्रिका, 15(2), 78–94.
4. गुप्ता, एस. एवं मिश्रा, पी. (2019). भारतीय किशोरों में जीवन कौशल शिक्षा और मनोसामाजिक कल्याण. शिक्षा एवं मनोविज्ञान शोध पत्रिका, 13(2), 56–72.
5. गोलमैन, डी. (1995). Emotional Intelligence: Why It Can Matter More Than IQ. बैंटम बुक्स, न्यूयॉर्क.
6. चौहान, आर. (2023). NEP 2020 और सामाजिक भावनात्मक अधिगम: नीतिगत विश्लेषण. समकालीन शिक्षा, 21(1), 34–50.
7. डर्लाक, जे.ए., वाइसबर्ग, आर.पी., डायमनेटेकी, ए.बी., टेलर, आर.डी. एवं शेलिंगर, के.बी. (2011). The impact of enhancing students' social and emotional learning: A meta-analysis of school-based universal interventions. Child Development, 82(1), 405–432.
8. तिवारी, एम. एवं गुप्ता, आर. (2023). भारतीय संदर्भ में SEL दक्षताओं के मापन की चुनौतियाँ. मनोवैज्ञानिक अध्ययन, 68(2), 201–218.
9. त्रिपाठी, ए. एवं वर्मा, के. (2021). कोविड-19 और विद्यार्थी कल्याण: सामाजिक भावनात्मक दक्षताओं की सुरक्षात्मक भूमिका. भारतीय शिक्षा शोध पत्रिका, 40(1), 45–62.
10. दुबे, एम. एवं जोशी, वी. (2022). माइंडफुलनेस आधारित SEL और किशोर कल्याण: एक प्रायोगिक अध्ययन. मनोविज्ञान अन्वेषक, 17(1), 89–104.
11. पांडेय, डी. (2020). विद्यालयी वातावरण और विद्यार्थी कल्याण: माध्यमिक विद्यालयों का अध्ययन. शिक्षा विमर्श, 16(2), 67–82.
12. मिश्रा, के. एवं शर्मा, एन. (2021). भारतीय विद्यालयों में SEL कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की चुनौतियाँ. शिक्षक शिक्षा, 23(2), 112–128.
13. रावत, पी. (2022). विद्यार्थी कल्याण और शैक्षिक उपलब्धि: एक अंतर्संबंधात्मक अध्ययन. भारतीय शिक्षा समीक्षा, 19(1), 56–71.
14. शर्मा, एन. एवं सिंह, बी. (2017). भारतीय विद्यालयों में सामाजिक भावनात्मक अधिगम की प्रासंगिकता. शिक्षा एवं विकास पत्रिका, 7(1), 23–40.
15. शिक्षा मंत्रालय (2020). राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020. भारत सरकार, नई दिल्ली.
16. सेलिगमैन, एम.ई.पी. (2011). Flourish: A Visionary New Understanding of Happiness and Well-being. फ्री प्रेस, न्यूयॉर्क.
17. WHO (2021). Adolescent Mental Health. World Health Organization, जिनेवा.




