ग्रामीण बालिका शिक्षा में सामाजिक समर्थन और शैक्षिक निरंतरता का विश्लेषण

Authors

  • शालिनी साहू सहायक प्राध्यापक, संस्कार सिटी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ Author

DOI:

https://doi.org/10.63345/

Keywords:

बालिका शिक्षा, सामाजिक समर्थन, शैक्षिक निरंतरता, विद्यालय त्याग, ग्रामीण शिक्षा, लैंगिक असमानता

Abstract

ग्रामीण भारत में बालिका शिक्षा की निरंतरता एक गंभीर चुनौती बनी हुई है जहाँ अनेक बालिकाएँ विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारणों से माध्यमिक स्तर तक पहुँचने से पूर्व ही विद्यालय छोड़ देती हैं। प्रस्तुत शोधपत्र ग्रामीण बालिकाओं की शैक्षिक निरंतरता में सामाजिक समर्थन — पारिवारिक, सहकर्मी, विद्यालयी एवं सामुदायिक — की भूमिका का विश्लेषण करता है। इस अध्ययन में बिहार के चार जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों से कक्षा 9 से 12 में अध्ययनरत 350 बालिकाओं (जो विद्यालय में बनी हुई हैं) तथा 150 विद्यालय-त्यागी बालिकाओं, कुल 500 प्रतिभागियों का प्रतिदर्श चयनित किया गया। कारण-तुलनात्मक अभिकल्प के अंतर्गत दोनों समूहों के कथित सामाजिक समर्थन की तुलना की गई। परिणामों से ज्ञात हुआ कि विद्यालय में बनी रहने वाली बालिकाओं का कथित सामाजिक समर्थन प्राप्तांक (M=78.42) विद्यालय-त्यागी बालिकाओं (M=51.63) से सार्थक रूप से अधिक था (t=16.82, p<0.01)। सामाजिक समर्थन के चारों आयामों में पारिवारिक समर्थन सबसे प्रबल विभेदक पाया गया। लॉजिस्टिक प्रतिगमन विश्लेषण से ज्ञात हुआ कि सामाजिक समर्थन शैक्षिक निरंतरता की 68% सही भविष्यवाणी करता है। अध्ययन अनुशंसा करता है कि बालिका शिक्षा नीतियों में परिवार एवं समुदाय आधारित समर्थन तंत्र को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

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Published

2026-08-17

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